मुस्करा(हमीरपुर) | विकास खंड क्षेत्र के गांव खड़ेही लोधन में बीते 32 वर्षों बाद शुरू हुई श्री विष्णु महायज्ञ में छठवें दिन महायज्ञ वेदी की परिक्रमा लगाने के साथ साथ चार वेद व अठारह पुराणों का दंडवत प्रणाम कर हजारों भक्तों ने अपने घर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। वही कामदगिरी चित्रकूट से आए पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने अपने मुखारविंद से भरत और राम के मिलन और भाई से भाई के प्रेम के साथ बुजुर्गों की सेवा करने के बारे में विस्तार से अमृतमयी कथा सुनाकर हजारों लोगों को भाव विभोर कर दिया
वही महायज्ञ के छठवें दिन शुकवार को कानपुर से आए यज्ञाचार्य पंडित संजय शास्त्री वैदिक ने पूर्व की भांति विधिवत महायज्ञ वेदियों का हवन पूजन के साथ साथ चार वेद और अठारह पुराणों में बैठे यजमानों को विधि विधान से हवन पूजन कर कथा सुनाई।तदोपरांत अपराह्न दो बजे से शुरू हुए सत्संग कथा में कामदगिरी चित्रकूट पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज का यज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा एवं अन्य आगंतुक विशिष्ट लोगों के द्वारा स्वामी जी का पूजन एवं स्वागत किया गया।इस दौरान कामदगिरी चित्रकूट पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी रामस्वरूपाचार्य ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा श्रवण कराते हुए कहा कि स्वामी के साथ रहकर जो सेवा करें वह सेवक होता है जो स्वामी की आज्ञा पर कभी न ना कहे वहां रह कर सेवा करें वह परम सेवक कहलाता है।आचार्य ने भरत के चित्रण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने राम की सेवा एक सेवक के रूप में की थी।आचार्य के पूर्व सभा मंच में गुरसराय झांसी से आई कुमारी कीर्ति किशोरी एवं आगरा से आई रेखा रामायणी भगवान श्री राम जी की महिमा का बखान किया तो वहीं दूर दराज से आए साधु संत एवं विद्वानों वक्ताओं ने अपनी अपनी कथा में भक्तों का मन मोह लिया सत्संग सभा मंच का संचालन हरस्वरूप व्यास द्वारा किया गया।इस मौके पर पांच हजार से अधिक लोगों ने कथा का श्रवण किया। वही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 18 पीएससी के जवान एवं मुस्करा थाना पुलिस जगह जगह पर तैनात रही तो वहीं मुस्करा थाना प्रभारी ने भी पल पल महायज्ञ स्थल पर पहुंच निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
