हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी के बीच स्थित ऐतिहासिक खंडहर में प्राचीन और बेशकीमती सिक्के मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि राजा हमीर देव के कालखंड से जुड़े इस पुराने महल के खंडहर में घूमने पहुंचे कुछ युवकों को नदी की तलहटी में दबे चमकते सिक्के मिले। सिक्कों की सूचना फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
युवकों के अनुसार वे सामान्य रूप से खंडहर घूमने पहुंचे थे, तभी उनकी नजर मिट्टी में दबे कुछ पुराने सिक्कों पर पड़ी। इसके बाद खोजबीन करने पर लगातार कई सिक्के मिलने लगे। स्थानीय लोगों का दावा है कि ये सिक्के 200 से 300 साल या उससे भी अधिक पुराने हो सकते हैं।
इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बेतवा नदी के बीच स्थित यह खंडहर राजा हमीर देव के कालखंड से जुड़ा माना जाता है। कुछ लोग इन सिक्कों को कटोच राजवंश के राजा हमीर चंद के समय का बता रहे हैं, जिनका शासनकाल 1700 से 1740 ईस्वी के बीच माना जाता है। वहीं कुछ लोग इनका संबंध रणथंभौर के चौहान शासक हम्मीर देव से भी जोड़ रहे हैं।
हमीरपुर जिले में पहले भी खुदाई और पुराने खंडहरों से प्राचीन एवं ब्रिटिश कालीन सिक्के मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। यही कारण है कि सिक्कों की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे।
मामले की सूचना प्रशासन और संबंधित विभागों को दे दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सिक्कों की वास्तविक उम्र, धातु और ऐतिहासिक महत्व की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम द्वारा कराई जाएगी।
गौरतलब है कि भारतीय खजाना निधि अधिनियम, 1878 के तहत किसी भी स्थान पर प्राचीन सिक्के या ऐतिहासिक खजाना मिलने पर इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देना अनिवार्य होता है। प्रशासन ऐसे मामलों में सिक्कों को कब्जे में लेकर वैज्ञानिक जांच कराता है।
