राठ हमीरपुर । अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ अरविंद कुमार यादव ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें बच्चे के पैर जन्म से ही टेढ़े अथवा अंदर की ओर मुड़े हुए होते हैं। समय पर उपचार एवं पोंसेटी विधि द्वारा इस विकृति को पूर्णतः ठीक किया जा सकता है तथा बच्चा सामान्य रूप से चलने-फिरने योग्य बन सकता है। सीएचसी राठ में प्रत्येक बुधवार को क्लब फुट ओपीडी संचालित की जाती है, जहां प्रभावित बच्चों की जांच एवं उपचार किया जाता है। उपचार के अंतर्गत साप्ताहिक क्रम में सीरियल कास्टिंग की जाती है, जिससे धीरे-धीरे पैर की विकृति को सही किया जाता है। सरसई निवासी नितेश मिश्रा अपने बच्चे के क्लब फुट उपचार हेतु सीएचसी राठ पहुंचे। इसी प्रकार खिरिया गांव निवासी मलखान सिंह के जन्मजात टेढ़े पैर वाले बच्चे का सफल उपचार सीरियल कास्टिंग एवं अंतिम चरण में टेनोटॉमी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। अंतिम टेनोटॉमी के पश्चात पैर की सही स्थिति बनाए रखने हेतु डेनिस ब्राउनी स्प्लिंट लगाया गया। यह स्प्लिंट सीएचसी राठ में अनुश्का फाउंडेशन की ओर से सुशील पांडेय द्वारा उपलब्ध कराया गया। डॉ. अरविंद कुमार यादव ने बताया कि टेनोटॉमी के बाद डेनिस ब्राउनी स्प्लिंट को प्रारंभिक 3 माह तक प्रतिदिन 23 घंटे पहनना आवश्यक होता है। इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार स्प्लिंट पहनने की अवधि धीरे-धीरे कम की जाती है। विकृति की पुनरावृत्ति रोकने हेतु लगभग 5 वर्ष तक नियमित फॉलो-अप एवं ब्रेस प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। लगभग 9 माह के फॉलो-अप के पश्चात बच्चे को सीटीईवी शू भी प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चे के पैर जन्म से टेढ़े हों तो शीघ्र जांच एवं उपचार अवश्य कराएं, क्योंकि समय पर उपचार से क्लब फुट को पूर्णतः ठीक किया जा सकता है और बच्चा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।
