राठ (हमीरपुर)। राठ क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही और मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राठ से ममना पावर हाउस को जोड़ने के लिए बिछाई गई 33 KV हाईटेंशन लाइन के तीन दर्जन से अधिक खंभों से चोरों ने तार, इंसुलेटर और लोहे के एंगल पार कर दिए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि 4 से 5 किलोमीटर के दायरे में हुई इस बड़ी चोरी की भनक विभाग के उच्चाधिकारियों को कानों-कान नहीं लगी।
अमून्द पावर हाउस से 4 खंभों के बाद से लेकर ममना पावर हाउस के बीच पड़ने वाले अमून्द, रिगवारा मोजा और छिबोली गांव के खेत से लगभग 44 विद्युत पोलों से तार और अन्य कीमती सामान गायब।
चोरी की इस वारदात से विभाग को लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना नामुमकिन है। आरोप है कि राठ विद्युत विभाग के अधिकारियों और अमून्द पावर हाउस में तैनात लाइनमैनों की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया गया है। इतने बड़े पैमाने पर तार चोरी हो गए और विभाग को पता तक नहीं चला? या तो यह घोर लापरवाही है या फिर सोची-समझी साजिश। स्थानीय ब्रजेश, नीरेंद्र सूत्रों के अनुसार, चोरी किए गए हाईटेंशन तारों को स्थानीय स्तर पर किसानों को बेचे जाने की भी खबरें हैं। विभाग की चुप्पी इस संदेह को और गहरा कर रही है कि आखिर इतने दिनों बाद भी कोई आधिकारिक रिपोर्ट या कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई बिजली विभाग की इस कुंभकर्णी नींद और भ्रष्टाचार के आरोपों ने सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब क्षेत्र की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन या उच्चाधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा दिया जाएगा
