हमीरपुर | जनपद हमीरपुर में खण्ड विकास अधिकारी कुरारा का अतिरिक्त प्रभार जिला उद्यान अधिकारी को दिये जाने का मामला अब बड़ा प्रशासनिक विवाद बनता जा रहा है। आरोप है कि यह निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा जारी स्पष्ट शासनादेशों के विपरीत लिया गया है। प्रदेश शासन के शासनादेश दिनांक 27 मई 2019, 12 जनवरी 2023 एवं 04 फरवरी 2025 में साफ व्यवस्था दी गयी है कि रिक्त खण्ड विकास अधिकारियों के पदों का अतिरिक्त प्रभार केवल उन्हीं विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को प्राथमिकता पर दिया जाये, जिनके अधीनस्थ कर्मचारी विकास खण्डों में कार्यरत रहकर योजनाओं के संचालन में सहयोग करते हों। शासनादेश में कृषि, सहकारिता, पंचायतीराज, अर्थ एवं संख्या तथा लघु सिंचाई विभाग का स्पष्ट उल्लेख है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासनादेश में उद्यान विभाग का कहीं उल्लेख ही नहीं है, तो फिर जिला उद्यान अधिकारी को खण्ड विकास अधिकारी कुरारा का अतिरिक्त प्रभार किस आधार पर दे दिया गया? सूत्रों के अनुसार जनपद में ऐसे कई अधिकारी उपलब्ध हैं जो शासनादेश में निर्धारित प्राथमिकता की श्रेणी में आते हैं और जिनके पास कोई अतिरिक्त प्रभार भी नहीं है। इसके बावजूद नियमों को नजरअंदाज कर दूसरे विभाग के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपे जाने से प्रशासनिक निष्पक्षता और शासनादेशों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गये हैं|मामला अब शासन स्तर तक पहुंच चुका है।उच्च अधिकारियों से मांग की गयी है कि नियमों के विरुद्ध दिया गया अतिरिक्त प्रभार तत्काल निरस्त किया जाये तथा शासनादेशों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
