हमीरपुर। बुंदेलखंड की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। अजेंद्र लोधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुंदेलखंड के कई जनपदों में प्रदर्शन करते हुए सांसद के खिलाफ नारेबाजी की तथा उनका पुतला फूंका। पार्टी पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर सांसद से माफी मांगने और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई।
मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। महोबा पुलिस प्रशासन के अनुसार सदर कोतवाली में प्राप्त तहरीर के आधार पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।जनपद महोबा के पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की है और मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी होने की बात कही है।
इधर मामला शांत भी नहीं हुआ था कि हमीरपुर मुख्यालय में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान नया विवाद सामने आ गया। प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में कुलदीप निषाद द्वारा सांसद के खिलाफ कथित तौर पर “घर का घेराव” और “लात-जूतों से पिटाई” जैसे बयान दिए जाने पर राजनीतिक माहौल फिर गरमा गया।
इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से लोधी समाज में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाओं और टिप्पणियों का दौर जारी है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज से जुड़े लोग अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सभी दल अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटे हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में लोधी समाज को प्रभावशाली वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में इस तरह की बयानबाजी का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।हालांकि आमजन के बीच यह चर्चा भी है कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। लोगों का कहना है कि नेताओं को ऐसे बयानों से बचना चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द और आपसी एकजुटता प्रभावित हो।
