हमीरपुर। जल जीवन मिशन के कार्यों की हकीकत जानने के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने रविवार को कुरारा विकासखंड के परसी का डेरा और मिश्रीपुर गांव में औचक निरीक्षण किया। मिश्रीपुर से ददरी गांव को जाने वाली मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिलने पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। सरकारी जमीन पर कब्जे और पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दो भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में सामने आया कि मिश्रीपुर निवासी अरविंद सिंह और सरनाम सिंह पुत्र राम प्रसाद ने सड़क किनारे स्थित सरकारी भूमि की झाड़ियां साफ कर उसे अपने खेत में मिला लिया था। इसी जमीन के पास जेसीबी से काम कराने के दौरान जल जीवन मिशन की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप में बड़ा छेद होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बन गई।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दोनों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन के कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में मिली। श्रमिक बिना हेलमेट, गमबूट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम करते पाए गए। इस पर अपर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था आईटी वर्ल्ड इंटरनेशनल के सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाते हुए सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कंपनी के अधिकारी अभिषेक पांडे से फोन पर वार्ता कर सभी श्रमिकों को पीपीई किट समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। कंपनी ने दो दिन के भीतर सभी श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसमें गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी भूमि पर कब्जा करने या निर्माण कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।