हमीरपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद हमीरपुर में जल सहेलियों एवं यमुना पुत्रियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यमुना तटबंध पर भव्य पदयात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में करीब 300 जल सहेलियों एवं यमुना पुत्रियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। पदयात्रा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जल स्रोतों के क्षरण को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी की अविरलता और निर्मलता बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय योगदान देना होगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने 29 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक पंचनदा (जालौन) से वासुदेव घाट (नई दिल्ली) तक आयोजित अविरल-निर्मल यमुना पदयात्रा का उल्लेख करते हुए इसे जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक अभियान बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास लोगों को नदियों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सचान उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. महेंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. संजय सिंह तथा नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर बल दिया।
कार्यक्रम में जल सहेली राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा कुशवाहा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी, अधिवक्ता, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन देशराज रत्नाकर ने किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
