बिंवार (हमीरपुर)। इस्लाम धर्म के पवित्र मुहर्रम माह की आठवीं तारीख को हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत की याद में बिंवार कस्बे में पारंपरिक अलाव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कस्बे के निवादा भीतर मोहल्ले में मुराद अली के दरवाजे पर सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने अलाव जलाकर मातमी अंदाज में हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु जलते अलाव के बीच उतरकर अपनी आस्था का प्रदर्शन करते रहे और “या हुसैन” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं डीजे पर मातमी धुनें बजती रहीं, जिससे माहौल गमगीन बना रहा।अलाव कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।जानकारों के अनुसार मुहर्रम का पर्व इस्लामिक नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व दस दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में दी गई महान कुर्बानी को याद किया जाता है। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष पूरे श्रद्धा एवं सम्मान के साथ निभाई जाती है। इस मौके पर कमेटी के उस्ताद सैमसंद्दीन,फरीदा, ताज मुहम्मद,नाहिद,अली मुहम्मद आदि सभी ग्रामीण मौजूद रहें।
