राठ (हमीरपुर)। कस्बे के प्रमुख अंबेडकर चौराहे को सुंदर और चौड़ा बनाने की कवायद के तहत जिला प्रशासन ने एक बार फिर अतिक्रमण के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अंबेडकर चौराहे पर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों पर प्रशासन का बुल्डोजर जमकर गरजा। इस कार्रवाई के तहत अवैध तरीके से बनाई गई दुकानों और मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
चार महीने बाद दोबारा शुरू हुआ अभियान
मिली जानकारी के अनुसार, करीब चार महीने पहले भी इसी स्थान पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। हालांकि, उस समय स्थानीय लोगों के भारी विरोध और हंगामे के चलते कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा था। अब एक बार फिर राठ-बिलराया मार्ग को सुगम बनाने और अंबेडकर चौराहे के विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ इस अभियान को दोबारा शुरू किया है।
स्थानीय निवासियों में नाराजगी, लगाया भेदभाव का आरोप
प्रशासन की इस औचक और कड़ी कार्रवाई को लेकर स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और सभी जगह एक समान रूप से नहीं की जा रही है। कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिशाषी अभियंता दृगपाल वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अम्बेडकर चौराहे पर राठ-बिलराया मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को लेकर यह अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही की जा रही है। चौराहे के चारों तरफ 11-11 मीटर की परिधि में अवैध तरीके से बनी दुकानों और मकानों को हटाया जा रहा है, ताकि चौड़ीकरण का रास्ता पूरी तरह साफ हो सके और कस्बे की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो।
कार्रवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग और राजस्व टीम के विनोद यादव सहायक अभियंता, दीपक सिंह, रमेश गुप्ता, रजनीश, राहुल माली,अमित निगम
लेखपाल आरती गुप्ता सहित तमाम आला अधिकारी मुस्तैद रहे, सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए राठ कोतवाली की पुलिस फोर्स मौके पर डटी रही।
फिलहाल, अंबेडकर चौराहे पर अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई के बाद राठ शहर की सूरत और ट्रैफिक व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
