हमीरपुर – बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से छह मजदूरों की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी, उसके मालिक और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद विभागीय और तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार कुरारा थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का सेगमेंटल स्पैन गिर जाने से छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार की तहरीर पर कुरारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एफआईआर में निर्माण कार्य कर रही कंपनी एमएस द सेल्टर, उसके मालिक विजय प्रताप सिंह और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर नीतिश सचान को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार तेज आंधी के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के चलते पुल का सेगमेंटल स्पैन भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर नीचे कार्य कर रहे छह मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों की गहन जांच की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य में कहीं किसी प्रकार की अनियमितता या सुरक्षा संबंधी चूक तो नहीं हुई।हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम ने भी सख्त रुख अपनाया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर निगम के सहायक अभियंता गजेंद्र चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग परियोजना की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाओं में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रहा है। दर्दनाक हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
