मुस्करा (हमीरपुर) | क्षेत्र के चंदौरा गाँव में इन दिनों आध्यात्मिक रस की वर्षा हो रही है। गाँव निवासी रामस्वरूप त्रिपाठी एवं श्याम भाई के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। शनिवार को कथा के विशेष प्रसंगों को सुनकर पाण्डाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास शास्त्री योगेंद्र तिवारी ने व्यासपीठ से बोलते हुए कहा कि भागवत महापुराण श्रवण करने से जीव को सद्गति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा “श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य संसार के समस्त प्राणियों में प्रेम का संदेश देना और समाज में धर्म की स्थापना करना है। भगवान जब-जब अवतार लेते हैं, तब-तब अधर्म का नाश और भक्तों का कल्याण करते हैं कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कंस और चाणूर (चारुण) जैसे अत्याचारी राक्षसों के वध की लीला सुनाकर भक्तों को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी
जैसे ही कथा में भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का मंगल प्रसंग शुरू हुआ, पूरा पाण्डाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान विवाह के मंगल गीत गाए गए, जिस पर महिला श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाईं और जमकर नृत्य किया कथा के दौरान वृंदावन से आई कलाकारों की टोली द्वारा प्रस्तुत की गईं भव्य झाँकियाँ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान की बाल लीलाओं, ब्रज की लट्ठमार होली और महारास के मनोरम दृश्यों ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया इस धार्मिक आयोजन में चंदौरा गाँव सहित आस-पास के दर्जनों गाँवों से आए हजारों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया कथा के सफल आयोजन में त्रिपाठी परिवार सहित समस्त ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ जुटे हुए हैं।

