राठ हमीरपुर – तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कैथी स्थित गौशाला के बदहाल इंतजामों का खामियाजा एक बार फिर अन्नदाताओं को भुगतना पड़ा है। सोमवार की रात जर्जर गौशाला का सहारा पाकर बाहर निकले सैकड़ों गौवंशों ने पथनौड़ी मौजे की सैकड़ों बीघा फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया। इस घटना से आक्रोशित दर्जनों किसान मंगलवार सुबह गौशाला पहुंच गए और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। ग्रामीणों के अनुसार, कैथी गांव में बनी यह गौशाला बेहद जर्जर स्थिति में है। इसमें पथनौड़ी न्याय पंचायत के लगभग सभी गांवों के गौवंशों को बंद करके रखा गया था। लेकिन गौशाला में सुरक्षा और रखरखाव के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण सोमवार रात करीब 9 बजे गौवंश वहां से बाहर निकल आए।
गौशाला से छूटे आवारा मवेशियों का झुंड सीधे पथनौड़ी मौजे के खेतों में जा घुसा। पूरी रात खेत में चरते और रौंदते मवेशियों ने किसानों की महीनों की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर दिया।
खेतों में लहलहा रही उड़द और मूंगफली की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।
फसलें बर्बाद होने से क्षेत्र के दर्जनों किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक झटका लगा है। लाखों के नुकसान का जिम्मेदार कौन?
किसान राजेश मुखिया ने बताया की गायों द्वारा फसलों का जो भारी नुकसान हुआ है, उसकी सीधी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता है। किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं और अधिकारियों की लापरवाही से एक ही रात में सब बर्बाद हो जाता है। सुबह होते ही जब किसानों को खेतों का मंजर दिखाई दिया, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों की संख्या में गांव वाले कैथी गौशाला पहुंचे और वहां की बदहाली देखकर बिफर पड़े। किसानों ने प्रशासन से मुवावजे और जाँच कर लापरवाह कर्मचारी पर कार्यवाही की मांग की।
