राठ (हमीरपुर)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार यादव ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था में खून की कमी (एनीमिया) मातृ एवं शिशु मृत्यु का बड़ा कारण बन सकती है। लेकिन समय पर जांच, संतुलित आहार और चिकित्सकीय सलाह से इससे बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि कई गर्भवती महिलाएं पहली बार प्रसव के समय अस्पताल पहुंचती हैं, जहां उनका हीमोग्लोबिन 6-7 ग्राम/डीएल तक पाया जाता है। ऐसी स्थिति में प्रसव जोखिमपूर्ण हो जाता है और कई बार मरीज को उच्च केंद्र रेफर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार एएनसी जांच, समय पर टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम व अन्य आवश्यक दवाओं का सेवन जरूरी है। डॉ. यादव ने बताया कि सीएचसी राठ में प्रत्येक माह 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से नियमित जांच कराकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत सरकारी अस्पताल से संपर्क करने की अपील की।
