राठ (हमीरपुर)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन राठ विकासखंड परिसर की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी, जलभराव और बजबजाती नालियां दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से विकासखंड परिसर में पानी भर जाता है। लोगों का कहना है कि परिसर तालाब जैसी स्थिति में तब्दील हो जाता है, जिससे कर्मचारियों और फरियादियों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि परिसर की नालियों की नियमित सफाई नहीं कराई जाती। इसके अलावा पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। परिसर में रखा वाटर कूलर खराब पड़ा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। लोगों के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व नया वाटर कूलर खरीदा गया था, लेकिन उपयोग और रखरखाव के अभाव में वह जंग खा रहा है। इससे सरकारी संसाधनों के रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं। और सरकारी धन की बर्बादी भी की जा रही है। विकासखंड परिसर की बदहाल स्थिति को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब स्वयं ब्लॉक मुख्यालय की यह स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और व्यवस्थाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने परिसर की नियमित सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तथा पेयजल सुविधा को दुरुस्त कराने की मांग की है।
