मुस्करा हमीरपुर। विकास खंड मुस्करा के ग्राम मसगांव में अधिक बारिश के कारण ध्वस्त हुए मकान की सही रिपोर्ट न लगाने और उच्च अधिकारियों को गुमराह करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता निर्मला पत्नी चंद्रभान ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को शिकायती पत्र भेजकर न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़िता निर्मला का आरोप है कि अत्यधिक बारिश की वजह से उनका कच्चा आवासीय मकान (मकान नं. 85) पूरी तरह से गिरकर खंडहर में तब्दील हो गया है। जब उन्होंने इस संबंध में क्षेत्र में तैनात लेखपाल प्रदीप कुमार तिवारी को फोन कर जानकारी दी और मौका मुआयना करने को कहा, तो उन्होंने समय न होने की बात कहकर देखने से इनकार कर दिया।
पीड़िता के पति चंद्रभान ने बीते 3 अक्टूबर 2026 को मौदहा में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जिलाधिकारी के बुलाने पर भी लेखपाल उपस्थित नहीं हुए और संबंधित कानूनगो अशोक बाबू ने शिकायत पत्र अपने पास रखकर पीड़िता को कोई प्राप्ति रसीद तक नहीं दी और गुमराह कर भगा दिया। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल और कानूनगो मनमाने और गलत तरीके से पात्र व्यक्तियों को अपात्र और अपात्रों को पात्र बनाकर उच्च अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसी अन्य सक्षम अधिकारी से मौके का स्थलीय निरीक्षण कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलावा जाए तथा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।