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हमीरपुर। जनपद के जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशन में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए जनपद में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीम द्वारा छानी, विवांर एवं मुस्करा क्षेत्र में सघन बाल श्रम चिन्हांकन अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में निरीक्षण कर 04 सेवायोजकों के यहां नियोजित 04 बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया तथा संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। साथ ही ढाबों, रेस्टोरेंट, हलवाई की दुकानों, कैटरर्स, शादी घरों एवं अन्य प्रतिष्ठानों में बाल श्रम न कराने के संबंध में संचालकों एवं कर्मचारियों को जागरूक किया गया।
श्रम विभाग द्वारा प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि किसी भी बाल एवं किशोर श्रमिक से नियमानुसार प्रतिबंधित कार्य न कराया जाए। बाल श्रम कराने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथा संशोधित 2016 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम के तहत 20,000 से 70,000 रुपये तक जुर्माना तथा 06 माह से 02 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।अभियान के दौरान प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के संबंध में भी जानकारी दी गई। अकुशल श्रमिक को ₹12,356, अर्धकुशल को ₹13,590 तथा कुशल श्रमिक को ₹15,224 प्रतिमाह वेतन दिए जाने के संबंध में जागरूक किया गया। न्यूनतम वेतन का भुगतान न करने पर संबंधित सेवायोजक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।श्रम विभाग द्वारा बताया गया कि बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल श्रमिकों के पुनर्वासन के लिए जनपद में ऐसे अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाएंगे तथा बाल श्रम कराने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विजयपाल सोनकर, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा श्रम विभाग से सै. मोहम्मद उबैद उल्लाह एवं सूरजभान सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

By AKC NEWS HINDI

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