राठ (हमीरपुर)। विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत धमना में सफाई व्यवस्था और जल निकासी के दावों की जमीनी हकीकत ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव का करीब 50 साल पुराना रामलीला प्रांगण इन दिनों कूड़े के ढेर से घिरा हुआ है। सितंबर में रामलीला का आयोजन होना है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक साल से रामलीला मंच के आसपास नियमित सफाई नहीं हुई है। इससे आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीण मईयादीन, हरेंद्र, शिवकुमार, केशव, अजेंद्र, गजेंद्र, मूलचंद्र और मानसिंह आदि ने बताया कि धमना से टिकरिया, वरदा, जखेड़ी, ददरी, बहगांव समेत कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता बारिश के दिनों में जलभराव के कारण दलदल में बदल जाता है। सड़क का स्तर आसपास की जमीन से नीचे होने के कारण बारिश का पानी घुटनों तक भर जाता है। इसी रास्ते से ग्रामीणों के अलावा छात्र-छात्राओं को भी आवागमन करना पड़ता है। पानी और कीचड़ के बीच आवागमन करने से लोगों को आए दिन परेशानी उठानी पड़ती है।
नालियां जाम, जगह-जगह कूड़े के ढेर
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी के नियमित रूप से गांव नहीं पहुंचने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं और पानी की निकासी बाधित है। बारिश होने पर यही गंदा पानी रास्तों पर भर जाता है, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई कराने और नालियों की सफाई कराकर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
तालाब पर अतिक्रमण का आरोप, कार्रवाई पर भी सवाल
गांव के धुबया तालाब को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब के आसपास कथित रूप से अतिक्रमण होने के कारण उसका क्षेत्रफल लगातार सिमटता जा रहा है। कुछ दिन पहले स्थानीय प्रशासन की टीम तालाब की नाप-जोख और कथित अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद तालाब पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त नहीं हो सका। इससे प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सितंबर में रामलीला, फिर भी सफाई व्यवस्था बदहाल
ग्रामीणों के मुताबिक सितंबर में रामलीला का आयोजन होना है। ऐसे में आयोजन स्थल के आसपास फैली गंदगी चिंता का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि रामलीला आयोजन से पहले प्रांगण की विशेष सफाई कराई जाए और कूड़े को हटाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को परेशानी न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की समस्याओं की जानकारी ग्राम प्रधान सहित जिम्मेदारों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने तालाब को अतिक्रमणमुक्त कराने, नालियों की नियमित सफाई, मुख्य रास्ते से जल निकासी की व्यवस्था और सफाई कर्मचारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस संबंध में इंचार्ज खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
