मौदहा हमीरपुर। मदारपुर गांव में सिंचाई विभाग की ओर से कराया गया रपटा निर्माण पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था कि बारिश के पानी के तेज बहाव में रपटा का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। रपटा की यह हालत सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों समेत ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव और आसपास के लोगों के आवागमन की सुविधा को देखते हुए सिंचाई विभाग ने रपटा का निर्माण कराया था। निर्माण के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इससे आवागमन सुगम होगा और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। लेकिन एक साल पूरा होने से पहले ही रपटा के दोनों ओर का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि निर्माण में पर्याप्त मजबूती नहीं दी गई, जिसके चलते पहली ही तेज बारिश में रपटा पानी का दबाव नहीं झेल सका। हालांकि ग्रामीणों के इन आरोपों की अभी विभागीय स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।
रपटा क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के आवागमन में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। पानी के बीच क्षतिग्रस्त रपटा हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया और संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की।
ग्रामीणों ने रपटा निर्माण की तकनीकी जांच कराने के साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, लागत और कार्यदायी संस्था की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और रपटा का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।
सरकारी धन से कराया गया निर्माण एक साल भी क्यों नहीं टिक पाया, यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब सिंचाई विभाग की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर लोगों की नजर है।
