राठ (हमीरपुर)। कस्बे के कुर्रा रोड स्थित सावित्री बाई फुले आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र के अभिभावक ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) और अंकपत्र न दिए जाने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी चित्रा निर्वाल से न्याय की गुहार लगाई है। अभिभावक का आरोप है कि तीन वर्षों की पूरी फीस जमा करने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन टीसी और अंकपत्र जारी करने के लिए 7 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा है। वहीं विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि छात्र की इतनी फीस अभी भी बकाया है। सरीला तहसील क्षेत्र के हरसुंडी गांव निवासी गंगाराम ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पुत्र अभिषेक ने कक्षा 8 से 10 तक इसी विद्यालय में अध्ययन किया। उनके अनुसार कक्षा 8 में 23 हजार, कक्षा 9 में 28 हजार तथा कक्षा 10 में 35 हजार रुपये फीस जमा की गई थी। इसके बावजूद टीसी और अंकपत्र जारी करने के नाम पर अतिरिक्त 7 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दस्तावेज मांगने पर विद्यालय प्रबंधन ने अभद्र व्यवहार किया और शिकायत कहीं भी करने की चुनौती देते हुए छात्र का भविष्य खराब करने की धमकी दी। अभिभावक का कहना है कि टीसी और अंकपत्र न मिलने से छात्र का दूसरे विद्यालय में प्रवेश नहीं हो पा रहा है, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
पीड़ित अभिभावक ने एसडीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय को तत्काल टीसी और अंकपत्र जारी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। विद्यालय प्रबंधक जितेंद्र कुमार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि छात्र की 7 हजार रुपये फीस अभी बकाया है। बकाया फीस जमा न होने के कारण टीसी और अंकपत्र जारी नहीं किए गए हैं। इस बीच विद्यालय की मान्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय प्रबंधक का कहना है कि संस्थान को जूनियर हाई स्कूल (कक्षा 8 तक) की मान्यता प्राप्त है तथा कक्षा 9 व 10 का संचालन उमरिया स्थित एक विद्यालय से संबद्धता (अटैचमेंट) के माध्यम से किया जा रहा है। वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय बिना वैध मान्यता के कक्षा 9 और 10 का संचालन कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अब मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टीसी और अंकपत्र रोके जाने, फीस विवाद तथा विद्यालय की मान्यता संबंधी आरोपों में कितनी सच्चाई है।
