राठ हमीरपुर । ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संस्था सृजन की जिम कॉर्बेट में संपन्न हुई वार्षिक बैठक में तय की गई कार्ययोजनाओं को धरातल पर लागू करने के लिए राठ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्था के पदाधिकारियों और ग्राउंड टीम के सदस्यों ने जिम कॉर्बेट में तैयार किए गए ब्लूप्रिंट पर चर्चा करते हुए स्थानीय स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति बनाई। बैठक में बताया गया कि संस्था आने वाले तीन वर्षों में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में 1000 स्मार्ट क्लास स्थापित करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के बच्चों को डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि संसाधनों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। समीक्षा बैठक में जिम कॉर्बेट में संस्थापक प्रभात सक्सेना द्वारा दिए गए संदेश और दिशा निर्देशों पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संस्था की असली ताकत उसकी ग्राउंड टीम है, जो गांव गांव जाकर जरूरतमंदों तक योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करती है। टीम के सदस्यों से और अधिक ऊर्जा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। मेंटर अश्वनी शर्मा ने भी सभी को मार्गदर्शित किया। संस्था के सीओओ रविन्द्र गुप्ता द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए साझा की गई रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि तकनीक, बेहतर तालमेल और मजबूत निगरानी व्यवस्था के माध्यम से जमीनी कार्यों को और अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जाएगा। संस्था के सीईओ विनय गुप्ता द्वारा प्रस्तुत आगामी योजनाओं के आधार पर शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य व्यवस्था, कौशल विकास और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर कार्य करने की बात कही गई। बैठक में तय किया गया कि प्राकृतिक आपदा या किसी भी विपरीत परिस्थिति में संस्था पूरी मजबूती के साथ जरूरतमंदों के साथ खड़ी रहेगी। वहीं संस्था के शिवांक श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी टीम बुंदेलखंड सहित देश के पिछड़े क्षेत्रों में सामाजिक कामों को लगातार कर रही है। भविष्य में वह अपना दायरा और बढ़ाएगी। वहीं सीए चेतन जैन ने सृजन नीर के लक्ष्य को और बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में कैसे और काम करना है ये समझाया। बैठक में लखनऊ, असम, बाराबंकी, बुंदेलखंड, शाहजहांपुर और कानपुर सहित विभिन्न क्लस्टरों की ग्राउंड टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। टीम के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी योजनाओं को स्थानीय स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने का संकल्प लिया।
