राठ (हमीरपुर)। क्षेत्र के विकास के बड़े बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राठ कस्बे के चरखारी रोड स्थित सिकंदरपुरा मोहल्ले में विधायक निधि से बनी लाखों रुपये की बारातशाला आज सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है। मुख्य मार्ग से बारातशाला तक पक्की सड़क न होने के कारण यह बारातशाला धूल फांक रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों और विशेषकर सैनी समाज में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
बारातशाला के आसपास रहने वाले एक सैकड़ा से अधिक लोग पिछले लंबे समय से पक्की सड़क न होने के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले वासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय विधायक मनीषा अनुरागी से सीसी सड़क निर्माण कराने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ झूठे आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।
बरसात से पहले का वादा हुआ हवा हवाई
मिली जानकारी के अनुसार विधायिका ने बरसात शुरू होने से पहले इस सड़क का निर्माण कराने का वादा किया था, लेकिन समय बीतने के साथ ही वह अपना वादा भूल गईं।
मोहल्ला निवासी राजदीप तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने हाल ही में सड़क निर्माण को लेकर दोबारा बात की, तो विधायक ने बजट न होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं स्थानीय निवासी राजकुमार, संतोष और आंसू आदि ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा बरसात के दिनों में इस कच्चे रास्ते से निकलना दूभर हो जाता है। स्कूली बच्चे अक्सर इस कीचड़ और दलदल में गिर जाते हैं जिससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है और वे स्कूल नहीं जा पाते। बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है।
चहेतों के यहां पहले बनती हैं सड़कें
मामले में राजनीति और भेदभाव के आरोप भी गरमाने लगे हैं। मोहल्ले के कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय विधायक विकास कार्यों में पक्षपात कर रही हैं। वे अपने चहेते लोगों के इलाकों में सड़कें तुरंत बनवा देती हैं, जबकि आम जनता की जायज मांगों को बजट का रोना रोकर टाल दिया जाता है। इस सौतेले व्यवहार से लोगों में जनप्रतिनिधि के प्रति गहरा रोष है।
लाखों की बारातशाला बेकार, कर्ज में डूब रहे गरीब परिवार
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क न होने के कारण कोई भी बारात इस सरकारी बारातशाला तक नहीं आ पाती। सड़क के अभाव में यह आलीशान भवन पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है। नतीजतन, गरीब परिवारों को अपनी बेटियों और बच्चों की शादी के लिए निजी मैरिज गेस्ट हाउसों को लाखों रुपये देने पड़ रहे हैं। इसके लिए कई परिवार भारी कर्ज के जाल में डूब चुके हैं।
प्रशासन और नगर पालिका की चुप्पी से जनता में निराशा
स्थानीय मीडिया और समाचार पत्रों ने इस गंभीर समस्या को कई बार प्रमुखता से प्रकाशित किया है, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। शासन प्रशासन की इस बेरुखी के कारण सिकंदरपुरा के नागरिक आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। मोहल्ले वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
