राठ (हमीरपुर)। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज राठ विकासखंड परिसर में ग्राम रोजगार सेवकों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनारत कर्मचारियों ने लंबित मानदेय भुगतान समेत विभिन्न मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष तेजपाल सिंह ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों का 12 से 14 माह का मानदेय बकाया है। जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग उठाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। जिसके चलते संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने बताया कि 2 जून से 15 जून तक विकासखंड स्तर पर धरना जारी रहेगा। इसके बाद जिले के सातों विकासखंडों के ग्राम रोजगार सेवक जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में 1 जुलाई को विधानसभा लखनऊ के घेराव की चेतावनी भी दी गई है।धरनारत कर्मचारियों ने वर्ष 2021 में घोषित मानव संसाधन नीति का शासनादेश जारी करने, बकाया मानदेय भुगतान, मानदेय वृद्धि, ईपीएफ राशि कर्मचारियों के यूएएन खातों में जमा कराने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने तथा सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक के पदों पर समायोजन सहित राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किए जाने की मांग की। ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि वे ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है। धरनास्थल पर कर्मचारियों ने विभिन्न नारे लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। धरने में सुनीता सोनी, अर्चना, ऊषा, आशा, प्रीतम, राजेश, भगत सिंह, शंकर, संजय, रामगोपाल, मनोज, रघुवीर, राजबहादुर, प्रताप, चरणसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
