हमीरपुर। कस्बा सुमेरपुर के वार्ड नंबर 01 लखनापुरवा में वर्ष 1992 में जनता की सुविधा के लिए बनाया गया सामुदायिक केंद्र आज प्रशासनिक उपेक्षा और रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुका है। करोड़ों की लागत से बना यह भवन अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
करीब 33 वर्ष पहले इस सामुदायिक केंद्र का निर्माण स्थानीय लोगों की शादियों, बारात ठहराने और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए कराया गया था। उस समय इसका लोकार्पण तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. पी. बी. नीलरत्न द्वारा किया गया था। लेकिन समय बीतने के साथ यह भवन पूरी तरह जर्जर हो गया और प्रशासन की अनदेखी का शिकार बन गया।
वर्तमान में हालात यह हैं कि सामुदायिक केंद्र का उपयोग जनसुविधा के बजाय मवेशी बांधने के लिए किया जा रहा है। भवन परिसर और दीवारों पर कंडे पाथे जा रहे हैं, जबकि शाम ढलते ही यहां जुआरियों और नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भवन की दीवारें और छत काफी कमजोर हो चुकी हैं और यह कभी भी भरभराकर गिर सकता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
वार्ड के सभासद गोपाल बजाज ने बताया कि कई बार नगर पंचायत प्रशासन को इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
