हमीरपुर। गोहांड विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत जखेड़ी में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। लाखों रुपये की लागत से बना सार्वजनिक शौचालय पिछले एक साल से रखरखाव के अभाव में बदहाल पड़ा है और अब ‘शोपीस’ बनकर रह गया है। शौचालय पर ताले लटके हैं और चारों ओर गंदगी फैली हुई है, जिससे ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। पानी की टंकी तो लगाई गई, लेकिन उसका शौचालय से कोई कनेक्शन नहीं है। पानी के अभाव में अंदर-बाहर गंदगी का अंबार लगा है, जिससे लोग वहां जाने से भी कतराते हैं। गांव निवासी रमेशचंद्र, मनोज कुमार, वृंदावन, अयोध्या प्रसाद और सुरेश आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। न टोटियां लगाई गईं, न ही कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। शौचालय की छत, दीवारों और फर्श में दरारें पड़ चुकी हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार का परिणाम है और स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। वही ग्राम पंचायत का आंगनवाड़ी केंद्र भी बदहाली की मार झेल रहा है। केंद्र में रखी पानी की टंकी के कनेक्शन टूटे पड़े हैं, जिससे बच्चों और कार्यकत्रियों को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो रहा। हालात इतने खराब हैं कि तीन शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच करने की नौबत बनी हुई है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव अनूप कुमार शर्मा पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार स्वच्छता और पोषण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो आखिर गांवों में योजनाएं दम क्यों तोड़ रही हैं? हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार पाण्डेय ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
