राठ (हमीरपुर)। श्री मेला जलविहार समिति राठ के तत्वाधान में जलविहार मंदिर प्रांगण राठ में चल रही राम कथा के षष्टम दिवस चित्रकूट धाम से पधारे धीरेन्द्राचार्य जी ने चित्रकूटभक्ति और समर्पण की पराकाष्ठाकथा की शुरुआत प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के तमसा और श्रृंगवेरपुर पहुंचने से होती है। राजा गुह (निषादराज) प्रभु की सेवा करते हैं। जब गंगा पार करने की बारी आती है, तो केवट प्रसंग आता है। चित्रकूट निवास और राजा दशरथ का प्राण त्यागप्रभु राम प्रयाग में महर्षि भरद्वाज और फिर यमुना पार कर महर्षि वाल्मीकि के आश्रम पहुंचते हैं। वाल्मीकि जी के परामर्श पर प्रभु चित्रकूट पर्वत पर अपनी कुटिया बनाते हैं।इधर अयोध्या में महाराज दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। संपूर्ण अयोध्या शोक के सागर में डूब जाती है। भरत का आगमन और ‘भरत मिलाप’ननिहाल से लौटने पर जब भरत जी को पूरी घटना (माता कैकेयी के दो वरदान और पिता की मृत्यु) का पता चलता है। वे राजपद को ठुकराकर पूरी अयोध्या नगरी, माताओं और गुरु वशिष्ठ के साथ श्री राम को मनाने वन की ओर चल पड़ते हैं।लक्ष्मण जी की शंका जब चित्रकूट में धूल उड़ती है और सेना का कोलाहल सुनाई देता है, तो लक्ष्मण जी को शंका होती है कि भरत युद्ध के विचार से आ रहे हैं। तब श्री राम लक्ष्मण को समझाते हुए भरत के अगाध प्रेम और मर्यादा की महिमा गाते हैं।भरत जी दौड़कर प्रभु राम के चरणों में गिर जाते हैं। दोनों भाइयों का यह मिलन ‘भरत मिलाप’ कहलाता है। ऋषियों पर कृपा और पंचवटी प्रवेशचित्रकूट में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण प्रभु आगे घने वनों (दंडकारण्य) की ओर बढ़ते हैं। ऋषियों का संवाद वन में ऋषियों की हड्डियों के ढेर देखकर प्रभु भावुक हो जाते हैं। जब उन्हें पता चलता है कि राक्षसों ने ऋषियों को मार डाला है। तो प्रभु राम अपनी भुजा उठाकर प्रतिज्ञा करते हैं: “मैं इस पृथ्वी को राक्षसों से विहीन कर दूंगा”।प्रभु शरभंग और सुतीक्ष्ण जैसे महान ऋषियों को अपनी भक्ति देकर मोक्ष प्रदान करते हैं। इसके बाद वे गोदावरी नदी के तट पर पंचवटी में अपनी सुंदर कुटिया बनाकर रहने लगते हैं।
राम कथा मे श्री मेला जल विहार समिति के अध्यक्ष के बी के अग्रवाल श्याम सुंदर मुखिया कुरा रामनरेश गुप्ता उमाशंकर गुप्ता शंकर अग्रवाल दादा महामंत्री डॉ रामगोपाल गुप्ता दीपक अग्रवाल शिवकुमार अग्रवाल सत्यनारायण गुप्ता ठेकेदार संतोष परिहार, भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद, सहकारी समिति के उपसभापति बृजकिशोर गुप्ता, हमीरपुर के नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद, वाणिज्य कर बिभाग के डिप्टी कमिश्नर आरके सिंह, सहायक कमिश्नर दीपक कुमार, गिरीश अग्रवाल, सहित सेकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।
