हमीरपुर | सुमेरपुर विकासखंड क्षेत्र के खड़ेहीजार गांव में गौशाला व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव की गौशाला में लगभग 80 गौवंश रखे गए हैं , जिनमें से बृहस्पतिवार के दिन अव्यस्थाओं के चलते गौशाला परिसर पर दलदल के ऊपर तीन मवेशियों को मृत पाया गया।गांव के किसानों का आरोप है कि दुर्व्यवस्थाओं के चलते अक्सर दर्जनों गौवंश रात के समय गौशाला से निकलकर खेतों में पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
खडेहीजार निवासी किसान मनोज ने बताया कि उसका खेत गौशाला के बगल में है। बताया कि बीते शुक्रवार की रात मवेशियों ने गौशाला की तारबाड़ी तोड़ दी और उसके खेत पर ख़डी तिल , मूंगफली और ज्वार की फसल चौपट कर दी थी।
वहीं बुधवार की रात भी गौशाला से निकले मवेशियों ने फिर उसके खेत की बची खुची फ़सल को रौंद डाला।
ग्रामीणों ने गौशाला में चारा, पानी, साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दौरान गौशाला परिसर में पानी भर जाता है और मवेशी दलदल में धंसे खडे रहते हैं जिससे कमजोर जानवर वहीं दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भूंख और दलदल में धंसे होने की वजह से बृहस्पतिवार के दिन तीन मवेशियों की मौत हो गयी है।लोगों ने गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराकर व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की है , साथ ही जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग भी की है।
किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में तैयार होती फसल को गौवंशों से बचाने के लिए रात-दिन खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, लेकिन फसल बर्बाद होने से बहुत आर्थिक नुकसान हो रहा है वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी उपेंद्र ने बताया कि रात में गौशाला के अंदर गौवंश आपस में लड़ गए थे। इसी दौरान कुछ पशु बाहर निकल गए और खेतों में पहुंचकर फसल को नुकसान पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि जानकारी मिलते ही सभी गौवंशों को दोबारा गौशाला के अंदर कर दिया गया है।बताया कि गौशाला परिसर में जल भराव होता है , इसलिए उच्चधिकारीयों से मवेशियों को दूसरी गौशाला में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है।
