महोबा। शहर कोतवाली महोबा के अन्तर्गत ग्राम बिलबई निवासी कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने अति वृष्टि से खरीफ फसलें बर्बाद होने के सदमे में खेत पर लगे बबूल के पेड़ में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्ट मार्टम के लिए जिला मुख्यालय महोबा भेज दिया है। इस घटना से मृतक किसान परिवार में कोहराम मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बिलबई निवासी किसान कमलेश रैकवार पुत्र भरोसी रैकवार उम्र 45 साल मंगलवार की शाम खेत गये हुए थे। जहां पर रस्सी के सहारे बबूल के पेड़ पर फाँसी का फंदा बनाकर झूल गया। बुधवार सुबह जब ग्रामीण शौचक्रिया के लिए खेतों की ओर गए तो वहां बबूल के पेड़ पर कमलेश का शव फाँसी के फंदे पर लटका हुआ देख कर स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी गांव पहुँच कर परिजनों को दी। परिजन तुरन्त मौके पर पहुंचे और दहाड़े मारकर रोने बिलखने लगे। ग्रामीणों की सूचना पर महोबा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र प्रताप सिंह हमराही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल की बारीकी से जाँच कर शव को फाँसी के फंदे से नीचे उतार कर शव का पंचनामा भरकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मृतक किसान के परिजनों एवं पड़ोसियों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी ली। मृतक के बड़े पुत्र 16 वर्षीय महेश रैकवार ने बताया कि दिवंगत पिता कमलेश के नाम 15 बीघा कृषि भूमि है। जिसमें खेती करके परिवार का भरण पोषण करते थे। बताया पिता जी ने साहूकारों का करीब दो लाख रुपए कर्ज ले रखा था। इस साल खेतों में तिल, मूंग और मूंगफली की फसलें बोई गई थी। लेकिन अति वर्षा के चलते फसलें बुरी तरह से बर्बाद हो जाने के कारण पिताजी पिछले दो माह से कर्ज अदायगी को लेकर चिन्तित और परेशान रहते थे। घर में साहूकारों का कर्ज चुकाने को लेकर चर्चा करते रहते थे। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी श्रीमती लीला, दो नाबालिक पुत्रों और दो नाबालिक लड़कियों को रोता बिलखता छोड़ गया है। परिजनों ने घटना की सूचना राजस्व अधिकारियों को दे दी है। इस सम्बन्ध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महोबा वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि शव का पोस्ट मार्टम कराया जा रहा है। आत्महत्या के कारणों की जाँच की जा रही है। घटना से परिवार में करुण क्रंदन मच गया है।