हमीरपुर | जनपद के मुस्करा विकासखंड स्थित ग्राम बिहूनी में भक्ति और शक्ति का एक ऐसा संगम देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। यहाँ सैकड़ों वर्षों से चली आ रही ‘जवारा जुलूस’ की परंपरा को आज भी उसी जीवंतता और श्रद्धा के साथ निभाया गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में भक्ति का वो रूप दिखा जहाँ श्रद्धा के आगे शारीरिक पीड़ा भी नतमस्तक नजर आई जुलूस का सबसे मुख्य आकर्षण माता रानी के वो अनन्य भक्त रहे जिन्होंने अपने शरीर के अंग सांग से गाल में छेद कर चल रहे थे ढोल-नगाड़ों और माता के जयकारों के बीच इन भक्तों के चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही दर्द, बस माँ की अटूट भक्ति का तेज था इनके आगे-आगे सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर थिरकते ग्रामीण इस उत्सव को भव्य बना रहे थे भक्तों के पीछे भारी संख्या में महिलाएं अपने हाथों में माता रानी का पवित्र ‘खप्पर’ लेकर चल रही थीं पारंपरिक गीतों और जवारा की खुशबू से पूरा गांव भक्तिमय हो गया गांव की गलियों में तिल रखने की भी जगह नहीं बची थी; छतों से लेकर गलियों तक बस श्रद्धालुओं का रेला ही नजर आ रहा था यह भव्य जुलूस माता रानी के प्राचीन मंदिर से शुरू हुआ। इसके बाद यह बड़ा मंदिर, तिहाई मोहाल, चक्की दौरा और बारूली मोहाल होते हुए पूरे गांव का भ्रमण कर वापस माता रानी के मंदिर पर जाकर विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव के बुजुर्ग और युवा पूरी मुस्तैदी से डटे रहे।

