हमीरपुर | संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में जनपद में बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है उन्होंने बताया कि यमुना नदी का खतरे का बिंदु 103.630 मीटर तथा बेतवा नदी का खतरे का बिंदु 104.540 मीटर निर्धारित है। 18 अगस्त 2026 को अपराह्न 12 बजे यमुना नदी का जलस्तर 94.300 मीटर तथा बेतवा नदी का जलस्तर 93.550 मीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार यमुना खतरे के बिंदु से 9.33 मीटर और बेतवा 10.99 मीटर नीचे बह रही है। वर्तमान में दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है 194 गांव और मजरे पूर्व से चिन्हित अपर जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तहसीलवार कुल 194 गांव एवं मजरे पूर्व से चिन्हित किए गए हैं। इनमें तहसील हमीरपुर के 91, मौदहा के 49, राठ के 20 तथा सरीला के 34 गांव शामिल हैं बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 11 जून 2026 को जनपद स्तर पर वृहद संयुक्त बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया था। इसमें विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को परखा तथा मजबूत किया गया 190 नावों का सत्यापन, 25 हजार बोरियां आरक्षित
बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव एवं मोटरबोट किराये पर लिए जाने की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जनपद में उपलब्ध 190 नावों का सत्यापन कर नाविकों से सहमति पत्र प्राप्त किए गए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए 25 हजार खाली बोरियां, 300 वायर क्रेट एवं 500 नायलॉन क्रेट आरक्षित रखे गए हैं 36 बाढ़ चौकियां और 21 बाढ़ शरणालय तैयार जनपद में 36 बाढ़ चौकियां तथा 21 बाढ़ शरणालय चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 100 आपदा मित्र स्वयंसेवकों तथा 27 होमगार्ड जवानों को प्रशिक्षित किया गया है। जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सातों दिन संचालित किए जा रहे हैं।
पशुधन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए हैं। पशुओं के लिए भूसा एवं चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जनपद में अब तक 1.92 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस, ब्लीचिंग पाउडर तथा एंटी स्नेक वेनम वायल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) स्तर पर सचल चिकित्सा दल गठित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जनपद में बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है और राहत एवं बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
