सुमेरपुर (हमीरपुर)। विकास खंड सुमेरपुर की ग्राम पंचायत विदोखर मेदनी स्थित नकटा तालाब में लाखों रुपये की लागत से कराए जा रहे सुंदरीकरण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री से कराया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के सुंदरीकरण का उद्देश्य गांव की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण को बढ़ावा देना है, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। उनका आरोप है कि कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है और निर्माण में भी अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं। यदि समय रहते इसकी जांच नहीं कराई गई तो कुछ ही समय में निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो सकता है।
गांव मेदनी के अभिषेक कुमार, शिवम, सचिन कुशवाहा, छोटे बाबू, कल्लू पाल, संदीप यादव, मंगल पाल, नानू पाल, रामनरेश पाल, रामगोपाल सहित कई ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो योजनाओं का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर निर्माण कार्य का निरीक्षण कराया जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। वहीं, संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
