हमीरपुर। जनपद के थाना जरिया क्षेत्र के ग्राम बौखर निवासी स्वर्गीय शीला रानी लोधी हत्याकांड मामले में न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह द्वारा 26 मई को भेजे गए पत्र पर कार्रवाई शुरू हो गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग, लखनऊ को अग्रेषित कर दिया है, जहां 29 मई को मामला औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने 26 मई को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शीला रानी लोधी हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी को हस्तांतरित किए जाने की मांग की थी। अपने पत्र में उन्होंने कहा था कि घटना को कई महीने बीत जाने के बावजूद वास्तविक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय से वंचित महसूस कर रहा है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत पर प्रारंभिक संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग, उत्तर प्रदेश में केस संख्या 10467/24/35/2026 दर्ज किए जाने की सूचना अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह को ई-मेल के माध्यम से भेजी है। आयोग द्वारा प्रकरण पंजीकृत होने के बाद मामले की आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है बताया जाता है कि शीला रानी लोधी की हत्या वर्ष 2025 में हुई थी। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। मामले में अब मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने कहा कि यह केवल एक परिवार के न्याय का प्रश्न नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और आम नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा का भी विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग के हस्तक्षेप से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होगी और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने भी मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवार को अब उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दे रही है।
