राठ (हमीरपुर)। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर स्वामी ब्रह्मानंद सेवक सेना ने शनिवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन राठ उपजिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से विशेष रूप से NEET परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है। वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य ऐसी घटनाओं से प्रभावित होता है, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष का माहौल पैदा होता है। संगठन ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि परीक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से और अधिक सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही परीक्षा संचालन से जुड़े दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्वामी ब्रह्मानंद सेवक सेना ने अपने ज्ञापन में कहा कि शिक्षा व्यवस्था देश के युवाओं के भविष्य की नींव है। यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे तो मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल टूटेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी कमजोर होगा। इसलिए सरकार को ऐसी प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हों। संगठन ने यह भी मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में ईमानदारी, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता दी जाए तथा ऐसे नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा मिले जो युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित बनाए।
