राठ (हमीरपुर)। तहसील सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें किसानों ने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने का भरोसा दिया। साथ ही किसानों को कृषि, उद्यान, पशुपालन समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई उप कृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लंबित किस्त के संबंध में किसानों को ई-केवाईसी, एनपीसीआई से आधार लिंकिंग, लैंड सीडिंग और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराने की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने और कृषि यंत्रों के माध्यम से उसका उचित प्रबंधन करने की अपील की।
अधिकारियों ने बुंदेलखंड एकीकृत विकास योजना के तहत सोलर फेंसिंग लगाकर फसलों को जंगली और आवारा पशुओं से बचाने की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनके यादव ने तोरिया की खेती के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि करीब 60 से 65 दिन में तैयार होने वाली तोरिया के बाद किसान गेहूं की फसल भी ले सकते हैं। कृषि विभाग की ओर से तोरिया बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान की जानकारी दी गई।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, एकीकृत बागवानी मिशन, पैक हाउस, पीएम-एफएमई और बुंदेलखंड क्षेत्र औद्योगिक विकास योजना समेत अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई। इफ्को प्रतिनिधि शशिकांत ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के संतुलित व वैज्ञानिक उपयोग के बारे में बताया। पशुपालन विभाग ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन, चारा विकास और पशुओं के अनिवार्य टीकाकरण के प्रति किसानों को जागरूक किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन (युवा) के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह राजपूत ने अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे सहित अन्य मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान एसडीएम चित्रा निर्वाल, तहसीलदार दिलीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी समेत सिंचाई, नलकूप, विद्युत, पशुपालन और उद्यान विभाग के अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे। डिप्टी एलडीएम विजयेंद्र कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनके यादव, इफ्को प्रतिनिधि शशिकांत, डिप्टी आरएमओ, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रतिनिधि, किसान संगठनों के पदाधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
