मुस्करा हमीरपुर – गहरौली गांव की गौशाला में गोवंश की लगातार मौतों की खबर सामने आने के बाद गुरुवार को बीडीओ राजीव कुमार और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) जांच के लिए पहुंचे। अधिकारियों के गौशाला पहुंचते ही ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने गौशाला के अंदर जाकर व्यवस्थाओं और गोवंश की स्थिति देखने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर उन्हें गौशाला के अंदर जाने से क्यों रोका जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप था कि गौशाला की वास्तविक स्थिति उनसे छिपाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने को लेकर भी अधिकारियों की ओर से आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई वहीं, बीडीओ राजीव कुमार ने ग्रामीणों को अंदर जाने से रोकने का कारण बताते हुए कहा कि गौशाला परिसर में काफी दलदल है। ऐसे में किसी व्यक्ति के फंसने से हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अंदर जाने से रोका गया गौशाला का निरीक्षण करने के बाद जब अधिकारी वापस लौटने लगे तो ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा, “साहब, हमारी सड़क भी वर्षों से खराब पड़ी है, जरा इसे भी देख लीजिए।” इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने सड़क की समस्या रखी ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने मौके पर जाकर सड़क का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से सड़क खराब होने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। बारिश के दिनों में सड़क पर जलभराव और कीचड़ होने से समस्या और गंभीर हो जाती है बीडीओ राजीव कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या सुनी गई है और मौके पर जाकर सड़क का निरीक्षण भी किया गया है। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्या को अधिकारियों ने देखा है इधर, गौशाला में गोवंश की मौतों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला परिसर में इतना दलदल है कि इंसान के फंसने का खतरा बना हुआ है, तो गोवंश की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए। अब ग्रामीणों की नजर जांच के बाद होने वाली कार्रवाई और गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार पर टिकी हुई है।
