हमीरपुर। अमिलिया-उमरी मार्ग से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित भादन का डेरा आज भी बुनियादी सड़क की सुविधा से महरूम है। इस मजरा को जोड़ने वाला रास्ता कच्चा और गड्ढा युक्त होने के कारण बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का जीवन दुभर हो गया है।
उमरी गांव से संबद्ध इस मजरे में सभी वर्गों के करीब दो सौ से अधिक लोग रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग से मजरे तक जोड़ने वाली डेढ़ किलोमीटर की दूरी में से सवा किलोमीटर तो महज कच्चा रास्ता है, जबकि बाकी का दो सौ मीटर का हिस्सा पूरी तरह पगडंडी बना हुआ है,स्थानीय निवासी देवी प्रसाद पाण्डेय, रामौतार अनुरागी, रामदीन, संदीप, प्रदीप, मनोज तथा श्यामबाबू ने बताया कि वे पिछले 6 वर्षों से विधायक, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
रास्ता बेहद खराब होने के कारण स्कूली बच्चों को रोजाना कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, मानसूनी बारिश के दिनों में किसी मरीज को अस्पताल ले जाना हो या दैनिक जरूरतों के लिए बाहर जाना, ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से परेशान होकर ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की गुहार लगाई है।

