हमीरपुर। जनपद के मौदहा नगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश से वंचित एक दलित छात्रा को आखिरकार मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन की पहल से न्याय मिल गया। संगठन के प्रयासों से छात्रा का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराया गया, जिससे मां-बेटी के चेहरे पर खुशी लौट आई।
मौदहा तहसील के अरतरा गांव निवासी अनीता अनुरागी ने बताया कि उनका विवाह लगभग दस वर्ष पूर्व राठ तहसील के देवेंद्र कुमार पुत्र राजाराम के साथ हुआ था, लेकिन पारिवारिक विवाद और घरेलू उत्पीड़न के चलते वह ससुराल छोड़कर अपने मायके में रहने को मजबूर हो गईं। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने अपनी बेटी का प्रवेश मौदहा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराने का प्रयास किया, लेकिन विद्यालय की वार्डन ने छात्रा के दूसरे ब्लॉक की होने का हवाला देते हुए प्रवेश देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद पीड़ित महिला ने नगर के चेयरमैन सहित कई जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। अंततः उन्होंने मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन से संपर्क किया। संगठन के जिलाध्यक्ष सैय्यद शहबाज अली ने विद्यालय प्रशासन से बातचीत की, लेकिन वार्डन अपने निर्णय पर अड़ी रहीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संगठन ने जिला स्तर पर हस्तक्षेप किया और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर छात्रा के प्रवेश की मांग उठाई। संगठन के लगातार प्रयासों के चलते अंततः छात्रा को विद्यालय में प्रवेश मिल गया।
संगठन के जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनका संगठन वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे जनहित के मुद्दों पर कार्य कर रहा है और आगे भी जरूरतमंदों की सहायता करता रहेगा।
