महोबा | जिलाधिकारी गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति एवं समस्त बोर्डो से मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबन्धकों की बैठक आहूत की गयी जिसमें समिति के सदस्य सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक, द्वारा स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2018 की नियमावली में दिये गये प्रावधानों से मीटिंग में उपस्थित सगस्त प्रधानाचार्यों/ प्रबन्धकों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी महोदया द्वारा समस्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों / प्रबन्धकों को निर्देशित किया गया कि कोई भी विद्यालय पुस्तकों के पैकेज हेतु बाध्य नही करेगा तथा प्रतिवर्ष कोर्स को बदला न जाये एवं सभी विद्यालयों में एन०सी०ई०आर०टी० की पुस्तकें ही चलायी जाये तथा सहायक पुस्तकें भी चलायी जा सकती है। विद्यालय अपने यहाँ से पुस्तकों का वितरण नही करेगा तथा कोई भी स्ववित्तपोषित विद्यालय जिला शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन के बिना शुल्क में वृद्धि नहीं करेगा और न ही किसी विशेष नियत दुकान से किताबें, जूता, मोजा व यूनीफॉर्म, इत्यादि क्रय करने हेतु बाध्य करेगा, यदि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की नियमावली में उल्लिखित प्राविधानों के विपरीत कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जिलाधिकारी महोदया द्वारा स्ववित्तपोषित विद्यालयों की समस्याओं को सुना गया तथा उनके नियमानुसार यथा सम्भव निराकरण करने का आश्वासन दिया गया तथा स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2018 की नियमावली में दिये गये प्रावधानों को पालन करने के निर्देश दिये गये। उक्त मीटिंग में कुवँर पंकज, अपर जिलाधिकारी वि०/रा०, तथा जिला शुल्क नियामक समिति के सदस्य देव कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी, वी० के० जौहरी, अधिशाषी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, महश सन्तोष कुमार, प्रधानाचार्य, डी०ए०वी० इण्टर कॉलेज,, सदस्य एवं देवेन्द्र सिंह, अभिभावक, विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज,, सदस्य एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्य / प्रबन्धक उपस्थित रहें। मीटिंग के समापन पर जिला विद्यालय निरीक्षक, द्वारा सभी का आभार प्रकट करते हुये धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
