हमीरपुर – सरीला क्षेत्र में चंडौत गांव के शीतला माता मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक स्वामी जगदीशाचार्य ने श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया गया। प्रसंग के दौरान कथावाचक ने भक्तों को भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही, जिससे सभी लोग धर्म की और अग्रसर हो। कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तों को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते हैं। सच्चा मित्र वही है जो अपने मित्र को विपत्ति में साथ दें। उसे अपने से नीचा रखने के बजाय समकक्ष बनाने का प्रयास करें। कहा कि मित्रता का आर्थ स्वार्थ नहीं बल्कि सहयोग और समर्पण होना चाहिए। कथा के समापन पर आचार्य द्वारा हवन पूजन करवाया गया। इसके बाद कथा के समापन पर हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर परीक्षित रमेश सोनी, सुरेश सोनी, महेंद्र सोनी, अनुपम सोनी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महिपाल सिंह, देवेंद्र राजपूत, पुष्पेंद्र राजपूत, ज्ञानसिंह, राजू निगम सहित अन्य मौजूद रहे।

