मुस्करा (हमीरपुर) | विकासखंड मुस्करा क्षेत्र के ग्राम चंदौरा डेरा के पडुवा डेरा स्थित सिद्ध पीठ अघोरी बाबा के स्थान पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य राम लीला का आयोजन किया गया जिसमे कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान मुस्करा महेंद्र प्रताप ने श्रीराम के आरती कर किया रामलीला के विभिन्न प्रसंगों में ‘केवट संवाद’ का मंचन सबसे मार्मिक और आकर्षक रहा। मंचन के दौरान जब श्रीराम ने नदी पार करने के लिए केवट से नाव मांगी, तो केवट ने भावुक होकर कहा— “मांगी नाव न केवट आना, कहइ तुम्हारे मरमु मैं जाना।केवट ने प्रभु श्रीराम से विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हुए कहा कि आपके चरण कमलों की धूल में वह अद्भुत सामर्थ्य है, जिससे अहिल्या जैसी पाषाण शिला नारी बन गई थी। यदि आपके चरणों के स्पर्श से मेरी लकड़ी की नाव भी नारी में बदल गई, तो मेरे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा। केवट ने दृढ़ता से शर्त रखी कि जब तक वह प्रभु के चरणों को पखारकर (धोकर) जलपान नहीं कर लेगा, तब तक वह उन्हें अपनी नाव में नहीं बैठाएगा इस करुणा और भक्ति से भरे जीवंत मंचन को देखकर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। वही दूसरी तरफ आल्हा गायन में शीलेन्द्र यादव कुन्हेता व हीरा लाल साहू कबरई व विनोद यादव भौली परशुराम सिंह महोबा ने आल्हा गायन में आल्हा की शादी व पनियर की लड़ाई का गायन में आल्हा प्रेमीयों ने आनंद लिया आल्हा गायन महेश कुमार सविता मुस्करा का विशेष योगदान रहा में आयोजन समिति ने समापन आए हुए अतिथि करन सिंह राजपूत व मर्दन सिंह राजपूत चंदौर ने आए हुए सभी अतिथियों व क्षेत्रीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
