राठ (हमीरपुर)। मंगलवार को स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार समिति ने साल 2026 के लिए पुरस्कार की घोषणा कर दी है, यह पुरस्कार शिक्षा और गौ सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीय या गैर भारतीय को स्वामी ब्रह्मानन्द जी के निर्वाण दिवस तेरह सितम्बर को हर वर्ष प्रदान किया जाता है। इस वर्ष का पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में दिया जा रहा है जिसके लिए पारिजात अकादमी के संस्थापक उत्तम टेरोन असम का चुनाव कर लिया गया है।
पुरुस्कार समिति के अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार राजपूत व सचिव नरेंद्र सिंह लोधी सहित समिति ने घोषणा करते हुए बताया कि पंजाबारी, गुवाहाटी आसाम निवासी प्राचुर्य बरूआ के प्रस्ताव पर शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्ति लाने वाले उत्तम टेरोन को इस बार यह पुरस्कार दिया जायेगा उत्तम तेरोन की व्यक्तिगत पहल पर 2003 में पामोही में स्थापित अकादमी ने केवल चार छात्रों के साथ एक साधारण गौशाला में अपनी उल्लेखनीय यात्रा शुरू की। पिछले दो दशकों में यह एक आदर्श संस्था के रूप में विकसित हुई है। जो प्रतिवर्ष लगभग 500 सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है। आज तक, पारिजात अकादमी ने लगभग 3,000 वंचित बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उनके इस कार्य पर उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैंलिहाजा इस वर्ष 2026 का स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार उत्तम टेरोन को प्रदान किया जायेगा आपको बता दें कि उत्तम टेरोन से पूर्व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए शिक्षाविद् डा० अरुण प्रकाश, सुपर 30 के संस्थापक आनन्द कुमार, स्वर्गीय सन्त हरवंश सिंह निर्मल जैसलमेर और रणजीत यादव (खाकी वाले गुरूजी), खान सर पटना , फिफ्टी विलेजर्स के संस्थापक डॉ भरत सारण बाड़मेर को भी स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार से अलंकृत किया जा चुका है उत्तम टेरोन को स्वामी ब्रह्मानन्द जी के निर्वाण दिवस के मौके पर यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा पुरस्कार स्वरूप उन्हें सनद समेत दस हाजार भारतीय मुद्रा नगद, स्वामी ब्रह्मानन्द जी की कांस्य प्रतिमा, कांस्य पदक और अंग वस्त्र प्रदान किया जायेगा।
