सुमेरपुर (हमीरपुर)। कस्बे की सब्जी मंडी में कुछ सब्जी विक्रेताओं द्वारा देसी सब्जियों को आकर्षक दिखाने के लिए कथित रूप से केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में बिक रही कुछ देसी पड़ौरा और अन्य हरी सब्जियों पर रासायनिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे उनकी ताजगी और रंगत बढ़ी हुई दिखाई देती है। इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधिक मुनाफा कमाने की लालच में कुछ विक्रेता सब्जियों को कृत्रिम रूप से हरा और ताजा दिखाने के लिए रसायनों का उपयोग कर रहे हैं। आम खरीदार सब्जियों की वास्तविक गुणवत्ता पहचान नहीं पाते और इन्हें खरीदकर अपने परिवार के लिए इस्तेमाल कर लेते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले हानिकारक रसायन पेट संबंधी बीमारियों, एलर्जी, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
सब्जी खरीदने आने वाले लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से मंडी में नियमित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषी विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर रोक लगाई जा सके।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को समय-समय पर सैंपल लेकर जांच करानी चाहिए और मिलावट या रासायनिक रंगों के उपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने सहित दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
