राठ (हमीरपुर)। विकास के दावों के बीच राठ कस्बे के प्रसिद्ध चौपड़ा धाम मंदिर तक जाने वाला मार्ग बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें भरा गंदा पानी श्रद्धालुओं की आस्था की राह में बड़ी बाधा बन चुके हैं। बारिश होते ही पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और मंदिर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं रहता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की दुर्दशा को लेकर नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिले। न सड़क की मरम्मत हुई और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई। नतीजा यह है कि हर बारिश के साथ हालात और बदतर होते जा रहे हैं। तेज धूप में धूल उड़ती रहती है। गहरे गड्ढों में भरे पानी के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा उठाते हैं, जबकि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन लोग आस्था के साथ मंदिर पहुंचते हैं, वही मार्ग अब प्रशासनिक उपेक्षा का प्रतीक बन गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल तक जाने वाली सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है, तो आम गलियों और मोहल्लों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क का पुनर्निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
