हमीरपुर – जलालपुर थाना क्षेत्र के ममना गांव से 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में 35 दिन बाद भी बरामदगी न होने पर परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। नाराज परिजनों ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के पदाधिकारियों के साथ डीएम के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर मिस्टर विकाश को सौंपकर किशोरी की सकुशल बरामदगी और सभी आरोपितो के ऊपर सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि ममना गांव निवासी सुखलाल अहिरवार की 16 वर्षीय नातिन 30 मार्च 2026 को घर पर अकेली थी। आरोप है कि गांव निवासी अनिकेत पुत्र पप्पू कुम्हार उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। परिजनों का आरोप है कि घटना में शामिल सहयोगी अनिकेत का भाई कन्हैया और दो अन्य लोग
भी शामिल रहे। पीड़ित परिवार का कहना है कि किशोरी नाबालिग है, इसलिए मामले में अपहरण और सहयोगियों की भूमिका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। परिजनों के अनुसार 31 मार्च 2026 को जलालपुर थाने में अनिकेत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी। साथ ही नामजद सहयोगियों के खिलाफ भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर परिजनों में नाराजगी है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि किशोरी को भगाने के दौरान आरोपित घर में रखे सोने के जेवरात और 50 हजार रुपये नकद भी ले गए। इसमें करीब एक तोला सोने का हार और 8 ग्राम वजनी झुमकी शामिल है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से किशोरी की सकुशल बरामदगी, सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की जिला प्रचारक पार्वती कश्यप, जिला मंत्री पुष्पा, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुखदेवी, जिला महासचिव किशन, कार्यकर्ता सुमन, चंद्रभान, अमन, उमारानी समेत एक दर्जन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
