हमीरपुर – लुप्त होती गौरैया के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘विश्व गौरैया दिवस’ के अवसर पर ‘आईसीटी की पाठशाला’ द्वारा एक विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थापक एवं स्टेट आईसीटी अवॉर्डी शिक्षक इंजीनियर शेखर यादव ने किया। कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन क्विज़ एवं गौरैया संरक्षण हेतु शपथ अभियान चलाया गया, जिसमें कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सिलौली, मौदहा के लगभग 60 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों ने न केवल क्विज़ में अपनी भागीदारी दर्ज कराई, बल्कि गौरैया के संरक्षण हेतु शपथ लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाने का संकल्प लिया। सहायक अध्यापक हरिमोहन गुप्ता के नेतृत्व में विद्यालय में क्विज आयोजित की गई, हरिमोहन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के उपसचिव अनिल कुमार यादव जुड़े। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए डिजिटल हस्ताक्षर युक्त ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए। बाद में इन प्रमाणपत्रों का प्रिंट निकालकर बच्चों को वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही गौरैया जैसे महत्वपूर्ण पक्षी को बचाया जा सकता है। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में गौरैया के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करेंगे तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। यह पहल न केवल बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का एक सराहनीय प्रयास है, बल्कि समाज में गौरैया संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश भी प्रसारित करती है।
