मुस्करा हमीरपुर | कुदरत की मार झेल रहे किसानों पर अब प्रशासनिक लापरवाही भारी पड़ने लगी है। मुस्करा विकासखंड की बसवारी ग्राम पंचायत अंतर्गत दामुपुरवा स्थित कान्हा गोशाला में ऐझी गांव की गोशाला को स्थानांतरित किए जाने के बाद व्यवस्थाएं सुधरने की बजाय पूरी तरह चरमरा गई हैं। करीब एक सप्ताह पहले गोशाला से लगभग 60 मवेशियों को अचानक खुले में छोड़ दिया गया, जिसके बाद इन बेसहारा मवेशियों ने खेतों में खड़ी किसानों की हरी-भरी फसलें रौंद डालीं ऐझी गांव के पूर्व प्रधान डालचंद्र श्रीवास सहित ग्रामीण रामस्वरूप, जयप्रकाश, सुदर्शन, रामप्रकाश और सिद्धगोपाल का कहना है कि गोशाला से छूटे मवेशियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन स्तर से गोशालाओं के संचालन और चारे-पानी के नाम पर लाखों रुपये का बजट जारी होता है, लेकिन धरातल पर मवेशियों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। इसी बदइंतजामी के चलते मवेशियों को बिना निगरानी के खुले में छोड़ दिया गया जिससे वो बापिस ग्राम ऐझी में किसानों की फसलें चौपट कर दी गई बार बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई जब इस गंभीर लापरवाही को लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि गोशाला का संचालन अब एक एनजीओ द्वारा संचालित की जा रही है और उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अधिकारियों का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया पीड़ित किसानों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। एक तरफ मौसम की अनिश्चितता और दूसरी तरफ अधिकारियों की अनदेखी ने किसानों के सामने रोजी-रोटी और जीवन-यापन का गहरा संकट खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने नष्ट हुई फसलों के तत्काल मुआवजे और गोशाला प्रबंधन की घोर लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
