मुस्करा (हमीरपुर)। मुस्करा विकासखंड के गांवों में कुदरत का कहर बरसा है। बीते एक माह से लगातार बारिश ने क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बिहूनी खुर्द, बिहूनी कलां, मुस्करा, अलरा, गौरा, ऐझी, पहाड़ी भिटारी, मसगाव और बसवारी सहित आसपास के सैकड़ों गांवों में मूसलाधार बारिश के चलते खरीफ फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर हजारों एकड़ बर्बाद हो गई हैं पीड़ित किसान जयकरन राठौर, पुष्पेन्द्र द्विवेदी, महेन्द्र सिंह राजपूत, जगजीवन यादव दयाराम प्रजापत घासीराम पाल, महेन्द्र प्रताप, राजेन्द्र कुमार व्यास, कमलेश राजपूत बाबादीन अहिरवार, रामप्रकाश राजपूत, कल्लू द्विवेदी,और दिनेश पाल ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ साहूकारों व बैंकों से कर्ज लेकर और अपनी जमा पूंजी लगाकर तिल, मूंग तथा उड़द जैसी फसलों की बुवाई की थी। लेकिन लगातार एक माह से हो रही बारिश से खेतों में कई-कई फीट पानी भर गया। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से बीज गल गए और खड़ी फसलें सड़ गईं लाचार अन्नदाताओं का कहना है कि इस कुदरती आफत ने उनके पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की फीस को निपटाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अगर जल्द राहत न मिली तो किसान पूरी तरह कंगाली की कगार पर पहुंच जाएंगे क्षेत्र के सैकड़ों किसान अब शासन और जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनकी सुध ली जाएगी और राहत की कोई किरण नजर आएगी।
