हमीरपुर। जनपद में स्थापित मौदहा ब्रह्मानंद बांध में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बांध के फाटक बंद किए जा रहे थे तो एक दम से सायरन की आवाज ने सभी को चौका दिया,बांध के छह फाटक बंद करने की भरपूर कोशिश की गई पर फाटक बंद नहीं हुए, बीते रोज सोमवार से ही बांध के फाटक बंद कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया गया सायरन भी बजता रहा, पर फाटक बंद नहीं हो सके, बांध के फाटक बंद न होने से लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा हैं ,आपको बता दे कि ही महीने पूर्व ही इस बांध में मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने करोड़ो खर्च किए हुए थे,वहीं आसपास के ग्रामीणों में ऐसी स्थित को देख कर भय जैसा माहौल बना हुआ हैं तो वहीं ग्रामीणों ने बांध में हुए मरम्मत कार्य में विभाग द्वारा भ्रष्टाचार गंभीर आरोप लगाये हैं इस आरोपो की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है हालांकि हमारा अखबार वायरल वीडियो कि पुष्टि नहीं करता,वही ग्रामीणों ने हुए पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है,वहीं जब संबंधित अधिकारियों से बात की गई तो रिपेयर का कार्य चलने और जल्द कार्य पूर्ण होने का आश्वासन मात्र दिया है,वही देर शाम जनपद प्रशासन ने अवगत कराया कि मौदहा बांध के गेटों के संचालन एवं जल निकासी के संबंध में सिंचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि बांध के गेटों के अनुरक्षण का कार्य माह जून एवं जुलाई में कराया गया था। अनुरक्षण कार्य पूर्ण होने के उपरांत गेटों का संचालन किया जा चुका है तथा वर्तमान में जलाशय में जलभराव की स्थिति को देखते हुए गेटों की बैलेंसिंग एवं सुचारु संचालन का कार्य किया जा रहा है।विभाग के अनुसार दिनांक 21 अगस्त 2026 को जलाशय से अतिरिक्त जल की निकासी के लिए क्रमशः तीन तथा चार गेट खोले गए थे। इस दौरान लगभग 3,000 से 9,000 क्यूसेक तक जल प्रवाह नदी में प्रवाहित किया गया। गेटों के संचालन से पूर्व बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत चेतावनी हेतु सायरन बजाया गया तथा जल निकासी के उपरांत गेटों को बंद किया गया।वर्तमान में जलाशय का जलस्तर 147.20 मीटर दर्ज किया गया है तथा जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बांध में पर्याप्त जल संचय हो जाने के कारण अतिरिक्त जल की निकासी की जा रही है। गेटों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बैलेंसिंग का कार्य भी कराया जा रहा है।
सिंचाई विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि दिनांक 24 अगस्त 2026 को बांध के नीचे एकत्र ग्रामीणों को चेतावनी देकर वहां से हटाया गया तथा गेटों की स्थिति सामान्य पाई गई। विभाग द्वारा जल की निकासी एवं गेटों के संचालन की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।सिंचाई विभाग ने आमजन से अपील की है कि बांध से छोड़े जा रहे पानी के दृष्टिगत बेतवा नदी एवं बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा अपने पशुओं को भी नदी से दूर रखें। जल प्रवाह आगामी कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना को देखते हुए सभी लोग सावधानी बरतें और प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
