हमीरपुर। राठ अम्बेडकर चौराहे होते हुए जिला मुख्यालय की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे मार्ग की बदहाली ने राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे और जानलेवा गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन हादसों में लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि सड़क की खराब हालत को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग खंड संख्या-दो के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, बावजूद इसके स्थायी समाधान नहीं किया गया। आरोप है कि विभाग द्वारा समय-समय पर गड्ढों की मरम्मत तो कराई जाती है, लेकिन घटिया पैचवर्क के चलते यह मरम्मत एक सप्ताह भी नहीं टिकती और सड़क फिर गड्ढों में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हाईवे का निर्माण होने के बाद कुछ समय तक सड़क की हालत ठीक रही, लेकिन इसके बाद सड़क की परत उखड़ने लगी और देखते ही देखते कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मानकविहीन कार्य और निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क पर बने गड्ढे लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं और विभाग को शिकायतें भी मिल रही हैं, तो आखिर स्थायी मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही? ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और मार्ग को तत्काल गड्ढामुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल—क्या यही है योगी सरकार का गड्ढामुक्त सड़क अभियान? आखिर सड़क हादसों में अब तक घायल होने वालों और जान गंवाने वालों की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या विभाग के जिम्मेदारों पर कार्यवाही होगी
