सरीला (हमीरपुर)। सरीला क्षेत्र में बालू माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए बेतवा नदी से धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। जरिया थाना क्षेत्र के जिटकीरी डांडा में इन दिनों शाम ढलते ही बालू चोरों का सिंडिकेट सक्रिय हो जाता है और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए नदी का सीना चीरकर बालू निकाली जा रही है।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह पूरा खेल स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन की कथित मिलीभगत से चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक सम्मानित ग्रामीण ने बताया कि “हर दिन एक तय मंथली रकम का लेन-देन कर बालू की चोरी कराई जा रही है, जिससे राज्य सरकार के राजस्व को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बालू माफियाओं ने नदी के आसपास और गांवों में आधा दर्जन स्थानों पर 100 से अधिक ट्रॉलियों का अवैध बालू डंप बना रखा है। इस डंप की बालू को आसपास के गांवों में ऊंचे और मनमाने दामों में बेचकर माफिया मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी विकास यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मामला संज्ञान मे आया है जांच टीम भेजकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अवैध खनन व डंपिंग में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
बड़ा सवाल जब उपजिलाधिकारी लगातार कार्रवाई की बात करते हैं, तो आखिर किसके संरक्षण में शाम ढलते ही दर्जनों ट्रैक्टर नदी के सीने में उतर जाते हैं? क्या इस बार केवल ‘जांच’ होगी या माफियाओं पर शिकंजा भी कसेगा।
